Expert Tips for Students

याद करने का सही तरीका क्या है?

याददाश्त (स्मरण शक्ति) बढ़ाने के आसान उपाय

याद करने का तरीका: How to Memorize? इस आर्टिकल में हम जानेंगे की याद करने का तरीका (memorizing tips for students) जो कारगर और सरल है वो क्या है?

इस क्रम में इन महत्वपूर्ण बिन्दुओ पे गौर करें:-

  • वस्तुओ में रूचि का हमारी स्मृति के विकास में अत्यधिक महत्वपूर्ण योगदान होता है।
  • लेकिन उससे ज्यादा महत्वपूर्ण है याद करने की चीजों को ग्रहण करने का साधन।
  • हमारी आँखे कान और मांसपेशी चीजों को ग्रहण करने का साधन हैं।

याददाश्त यानी स्मरण शक्ति को कैसे बढ़ाया जाए ये जानने के लिए हमें आँख का मस्तिष्क रखने वाले, कान का मस्तिष्क रखने वाले और मांशपेशी का मस्तिष्क रखने वालों में अंतर करना होगा।

आँख के मस्तिष्क रखने वाले: (Memory Tips for Students having Eye oriented brain)

आप कहेंगे आँख का मस्तिष्क क्या होता है ?

इसमें हम उन लोगों को रखेंगे जो आँख से देखी गई चीजे सबसे आसानी से याद रख पाते हैं।

आपमें से लगभग सभी लोग फिल्म देखने जाते हैं, और अगर आप आँख के मस्तिष्क वाली श्रेड़ी में आते हैं तो आपको पर्दे पे दिखाई गई चीजे लम्बे समय तक याद रह जाएगी। जबकि फिल्म के डायलॉग धीरे धीरे धूमिल हो जाते हैं।

ऐसे व्यक्तियों के लिए किताब में देखकर पढ़ी बातें याद रखने में बहुत आसानी होती है। क्यूंकि पढ़ते समय वो वाक्य इनके मस्तिष्क में एक तरह की इमेज बना लेते हैं और हमारा मस्तिष्क इमेज को लम्बे समय तक रखने में सक्षम है।

कान के मस्तिष्क रखने वाले: (Memorizing tips for people having ear oriented brain)

कान के मस्तिष्क वाले लोग हम उन लोगो को कह सकते हैं जो देखने की बजाय कानो से सुनी बाते ज्यादा बेहतर याद रख पाते हैं। ऐसे व्यक्ति पुस्तकों की अपेक्षा व्याख्यान से ज्यादा लाभ प्राप्त करते हैं। क्यूंकि उनकी स्मृति कानो द्वारा पकड़ी गई प्रत्येक ध्वनि को धारण करती है।

# कान के मस्तिष्क रखने वाले लोगों के लिए याद करने का तरीका क्या होना चाहिए?

यदि आप जान ले की आप कान के मस्तिष्क वाले व्यक्ति है तो आपको पढ़ने की बजाय सुनने पे ज्यादा ध्यान देना चाहिए। प्रोफेसर द्वारा दिए गए लेक्चर आपको ज्यादा अच्छे और लम्बी अवधि के लिए याद रहेगा। ऐसे व्यक्ति यदि सिनेमा जाते हैं तो उनको डायलाग तो याद रह जाता है परन्तु scene उनकी स्मृति से धीरे धीरे गायब हो जाते हैं। यदि आप उससे पूछे की दिखाए गए फिल्म में किसी घटना की आकृति कैसी थी तो उसे वह वर्णन करने में कठिनाई होगी, परन्तु शब्दों और संगीत की ध्वनि उसके साथ ठहरेगी।

मासपेशी के मस्तिष्क वाले लोग: (Memorizing tips for students having muscle oriented brain)

तात्पर्य यह है की ऐसे लोग आँख कान के अतिरिक्त इन्द्रियों को स्मृति बनाये रखने पे ज्यादा उपयोग करते हैं।

जैसे स्पर्श , सूघना और चखना इत्यादि। ऐसे व्यक्तियों और छात्रों के लिए याद करने का क्या तरीका चुनना चाहिए?

ऐसे व्यक्ति सुनने और देखने की बजाय क्रिया करके समझने में ज्यादा पारंगत होते हैं।
इसके अपवाद भी हैं जैसे – एक दृष्टिहीन व्यक्ति अपनी बाकी इन्द्रियों को असाधारण सीमा तक विकसित कर लेता है।

इससे आप यह सिद्ध होता है कि आप भी अगर ठान ले तो अपनी इन्द्रीओं को असाधारण रूप से विकसित कर सकते हैं।

  • क्यूंकि जब एक दृष्टिहीन व्यक्ति ऐसा करने में सक्षम है तो आप क्यों नहीं?
  • क्यूंकि आपको जरुरत नहीं और जिसकी जरुरत नहीं उसपे कोई ध्यान नहीं लगाता।

“ये एक महत्वपूर्ण तथ्य है जो बिना किसी जटिल परीक्षण के सिद्ध करता है की मनुष्य अपनी प्रत्येक इन्द्रियों को अधिक से अधिक सीमा तक विकसित कर सकता है।” मांसपेशी के मस्तिष्क वाले व्यक्ति तभी अच्छी तरह से याद रख पाएंगे जब वो याद करने की सामग्री को अधिक से अधिक लिख के याद करने की कोशिश करें।

उनके लिए याद करने का सही तरीका यही है।

Also Read: How to Remember Spelling Easily?

आप किस श्रेणी में आते है ?

आपने कभी महसूस करने की कोशिश की है की आप आप इनमे से किस वर्ग में आते हैं ? शायद नहीं !  95% लोगो को यह नहीं मालूम होता है. इसका कारण है की उन्होंने कभी जानने की कोशिश ही नहीं की।

यहाँ यह समझना जरुरी है की कोई भी व्यक्ति न तो पूर्ण रूप से आँख के मस्तिष्क वाला, न तो पूर्ण रूप से कान के मस्तिष्क वाला और न ही पूर्णतया मांसपेशी के मस्तिष्क वाला होता है। सभी में ये सभी गुण विद्यमान होते हैं बस आपको इतना जानना है की आपमें इनमे से किसकी प्रधानता है।

दुनिया में 60 से 80 प्रतिशत लोग आँख के मस्तिष्क वाली श्रेड़ी में आते हैं और शेष अन्य दो में। मनुष्य ही नहीं पशु पक्षियों में भी ये श्रेड़ी पायी जाती है। जैसे-

कुत्ते की सूघने की शक्ति इतनी अधिक होती है की उसकी स्मृति उसकी मांसपेशी में बसती है। और चील या बाज की पूरी शक्ति उसकी दृष्टि में होती है।

हिरन कान के मस्तिष्क वाला जानवर है वो एक हलकी सी आहट से शिकारी की मौजूदगी भांप लेता है। जैसा की हमने पहले ही बतलाया की कोई भी 100 प्रतिशत एक ही श्रेड़ी का नहीं होता.

अब कुत्ते में सूघने की शक्ति 70% से अधिक होती है परन्तु वह आहट पे भी तुरंत सक्रीय हो जाता है इसीलिए विद्यार्थियों को “स्वान निद्रा” रखने की सलाह दी जाती है।

कैसे जाने -आपकी स्मृति में किस इंद्री की प्रधानता है ?

इसको जानने के लिए आपको एक छोटा सा प्रयोग करना होगा। जिसे हम स्वयं परीक्षण कह सकते हैं।

प्रयोग तब कारगर है जब आप स्वयं का परीक्षण करना चाहते हैं।

स्वयं परीक्षण: स्वयं का परीक्षण यानि खुद से करना।

  • सामान लम्बाई के दो अनुच्छेद चुने – प्रत्येक आधे पृष्ठ का होना चाहिए।
  • पहले वाले को चुपचाप पढ़े, उसको पढ़ने में कितना समय लगा लिख लें।
  • उसके बाद कागज पे वह लिखे जो आपको याद रह गया हो।

इसके बाद

  • किसी मित्र को कहे की दूसरा अनुच्छेद आपको पढ़के सुनाये।
  • उसको पढ़ने में उतना ही समय लगना चाहिए जितना पहले वाले में आपको लगा।
  • जब आपका मित्र पढ़ चुके तो आप उसको कागज पे लिखे और देखें की आपको कितना याद रह गया।

अब आपने दोनों लिखे हुए को मिलाइये और देखिये की स्वयं पढ़ने के बाद लिखा अनुच्छेद आप बेहतर याद रख पाए या सुने गए अनुच्छेद को।

  • इस प्रयोग को २-३ बार दोहराये और हर बार पैराग्राफ की लम्बाई बढ़ाते जाए.
  • यदि पहली बार आधा पृष्ठ लिए तो अगली बार पूरा और तीसरी बार उससे अधिक।
  • यदि आप खुद से पढ़े पैराग्राफ को ज्यादा याद रख पाए तो आपमें आँख के मस्तिष्क की प्रधानता है
  • और यदि आप सुने हुए अनुच्छेद को ज्यादा याद रख पाए तो आप कान के मस्तिष्क वाले हैं।

यदि आपको जानना है की आप मांसपेशी में मस्तिष्क वाले श्रेड़ी के तो नहीं हैं तो, आप- पैराग्राफ को देखकर लिखें और फिर उसको बिना देखे दुबारा से लिखें। इस तरह से अगर आपको लिखके याद रखने में ज्यादा अच्छे से याद रहता है तो आपको अपनी पढाई और परीक्षा की तैयारी इसी तरह करनी चाहिए।

परीक्षा तैयारी में लाभदायक : (Memorizing tips for students)

यह तय होने के बाद आप इस मेथड को अपनाएं ये वाकई बेहतर परिणाम लाने में सहायक होगा.

आँख के मस्तिष्क वालों को शांत मन से पढ़के याद रखने पे फोकस रखना चाहिए।

कान के मस्तिष्क वालों को चाहिए की किसी मित्र की सहायता से सामग्री को सुने या टेक्नोलॉजी का उपयोग करें।

  • पहले अनुच्छेद को जोर से पढ़के रिकॉर्ड कर लें फिर उसको सुने।
  • यकीन मानिये इससे बेहतर Memorizing Method (Tips) नहीं हो सकता.
  • और आप देखेंगे की चमत्कारिक रूप से आप अपने परीक्षा की तयारी कर आएंगे।

मासपेशी के मस्तिष्क वाले लोग बार बार लिख के चीजों लो याद करने का प्रयास करना चाहिए।

ये उनके लिए काफी अच्छा परिणाम देगा।

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